तंज रातों मे सब दर्द उभर आते है सूनी आखों मे सैलाब नजर आते हैं मैने तोङा था दिल कभी किसी का आज लम्हे भी मुझे साल नजर आते है
संदेश
2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
आज की बारिश
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
काफी आज सुबह से बारिश हो रही है . वैसे तो बारिश का मौसम मन को हरा कर देता है किन्तु उत्तराखंड में हुई भारी जल प्रलय में हम सभी के कई परचित या तो काल के मुह में समां गए हैं या फिर अभी तक अपने करीबियों से मिल नहीं पाए है. रोज़ घर पहुँच कर तुरंत ही टीवी खोल कर न्यूज़ सुनता हूँ . कुछ लोगो (????) की धन लोलुपता ने जंगलो का सफाया कर दिया और पहाड़ो को कमजोर कर दिया . जिसका खमियाज आम जनता को भुगतना पद रहा है. ईश्वर से प्राथना करता हूँ की सभी की सहायता करिए साथ ही साथ सेवा कार्य मैं लगे हुए बन्दों का सुक्रिया अदा करता हूँ .
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
अभी कल शाम ही मैंने "ये जवानी ..........." फिल्म देखि. एक डायलाग था "जिंदगी मे चाहे जितना भी पा लो कुछ न कुछ छूट ही जायेगा " कितना सच है ये……. हम सब कितनी ही चीजो के लिए हमेसा एक अंधी दौड़ लगाते है सब कुछ भूल के . लेकिन हांसिल क्या हुआ है इस बारे मे भी कभी सोचना चहिये . हम अपने पास के रिस्तो को भूले बैठे हैं और अनजान लोगो के साथ चैटिंग करते हैं . मेरे दोस्तों आज एक बार अपने घर पर फ़ोन करना और बात करना पापा से मम्मी से अपनी दादी से दादा से .........गौर करना की शिर्फ़ वो तुम्हारी यादो के सहारे हैं . वो कभी नहीं कहेंगे अपनी तकलीफों के बारे में , वो हमेसा तुम्हरा भला ही कहेंगे . तुम जब नहीं होते हो उनके पास तो भी वो शिर्फ़ आपकी ही बात करते हैं . तो फिर देर किस बात की है उठाओ फ़ोन और बात कर लो ...........कुछ अपनी कहना कुछ उनकी सुनना उनको अच्छा लगेगा . ......... मित्रो फिर मुलाकात होगि…शुभ दिन !