आओ थोड़ी चर्चा कर लें

आओ थोड़ी चर्चा कर लें,
बात पुरानी चली गयी जो,
घाव है लेकिन हरा है अब तक,
कब तक ऐसे चलेगा यूंही,
आखों के कोनों में कब तक,
नमी का साया बना रहेगा,
इस पर भी कुछ चर्चा करलें ,
आओ थोड़ी चर्चा कर ले,
अन्‍तर मन में चलता है जो,
हरदम क्‍यों दुख रिसता है वो,
पीर बहुत जो भरी हुयी है ,
तेरे अन्‍दर गुस्‍सा क्‍यों है,
समय भी इस पर खर्चा कर लें,
आओ थोड़ी चर्चा कर लें,
मै मेरा और मुझको में है,
क्‍योंं, सिमटी है दुनिया इस पर ,
तेरा ये है, मेरा वो है,
अंतहीन जो दौड़ लगी है,
तेरे गांधी , मेरे गांधी मे क्‍या अन्‍तर,
इस पर भी एक पर्चा कर लें,
आओ थोड़ी चर्चा कर लें,

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